Faculty Development Workshop DAY 2

*प्रेस विज्ञप्ति*
*आईआईटी कानपुर में सम्पन्न हुई राष्ट्रीय शिक्षा नीति–2020 आधारित आवासीय आचार्य प्रशिक्षण कार्यशाला द्वितीय दिवस पर कृत्रिम बुद्धिमत्ता, करियर मार्गदर्शन, एकाग्रता, STEM शिक्षा एवं नवाचार पर हुआ गहन मंथन*

कानपुर, 20 जुलाई 2026:
विद्या भारती कानपुर प्रान्त, भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी) कानपुर तथा विज्ञान भारती, ब्रह्मावर्त प्रान्त के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित दो दिवसीय "राष्ट्रीय शिक्षा नीति–2020 आधारित तकनीकी, नवाचार एवं संवाद" आवासीय आचार्य प्रशिक्षण कार्यशाला का आज सफलतापूर्वक समापन हुआ। कार्यशाला के प्रथम दिवस में राष्ट्रीय शिक्षा नीति, STEM शिक्षा, शिक्षक नेतृत्व, विज्ञान शिक्षण तथा स्टार्टअप संस्कृति जैसे विषयों पर विशेषज्ञों ने मार्गदर्शन दिया था। द्वितीय दिवस में शिक्षकों को कृत्रिम बुद्धिमत्ता, डिजिटल युग की चुनौतियों, करियर परामर्श तथा अनुभवात्मक शिक्षण के आधुनिक आयामों से परिचित कराया गया।
द्वितीय दिवस के प्रथम सत्र में प्रो. अनुराग त्रिपाठी, भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान, कानपुर ने "रील्स एवं शॉर्ट्स के युग में एकाग्रता कैसे बनाए रखें" विषय पर अत्यंत प्रेरक व्याख्यान दिया। उन्होंने कहा कि आज के डिजिटल परिवेश में विद्यार्थियों का ध्यान केंद्रित रखना शिक्षकों के लिए एक बड़ी चुनौती है। उन्होंने ध्यान, उद्देश्यपूर्ण अध्ययन, समय प्रबंधन एवं सार्थक डिजिटल उपयोग के माध्यम से विद्यार्थियों में एकाग्रता विकसित करने के व्यावहारिक उपाय साझा किए।
द्वितीय सत्र में श्री शिवम त्रिवेदी, शोधार्थी, आईआईटी कानपुर ने शिक्षण एवं अधिगम में कृत्रिम बुद्धिमत्ता (Artificial Intelligence) के प्रभावी उपयोग पर विस्तृत प्रस्तुति दी। उन्होंने विभिन्न AI आधारित डिजिटल टूल्स के माध्यम से पाठ योजना निर्माण, प्रश्नपत्र तैयार करने, मूल्यांकन, वैयक्तिकृत अधिगम तथा शिक्षण को अधिक प्रभावी एवं रोचक बनाने के उपायों का प्रदर्शन किया। उन्होंने शिक्षकों को AI का उत्तरदायित्वपूर्ण एवं नैतिक उपयोग करने का भी संदेश दिया।
तृतीय सत्र में श्री बापी घोराई एवं श्री योगेश सिंह, शोधार्थी, आईआईटी कानपुर ने 10+2 के बाद करियर चयन एवं उच्च शिक्षा के अवसरों पर मार्गदर्शन दिया। उन्होंने विद्यार्थियों की अभिरु

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